गुरुवार, अक्तूबर 13, 2011

घोटाले का असली सूत्रधार?


घोटाले का असली सूत्रधार?

imageपूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन
2जी घोटाले में ए राजा और कलैनार टीवी को मिली 200 करोड़ की घूस तो उस रकम के मुकाबले बहुत छोटी है जो मारन बंधुओं को मैक्सिस समूह से मिली. आशीष खेतान और रमन किरपाल की तहकीकात
तमिलनाडु की सत्ता एक बार फिर संभालने के बाद मुख्यमंत्री जयललिता 14 जून को प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली आई थीं. इस मुलाकात के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें तमाम बातों के अलावा उन्होंने यह मांग भी कर डाली कि केंद्र सरकार में कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन अगर खुद इस्तीफा नहीं देते तो प्रधानमंत्री को ही उन्हें हटा देना चाहिए.
जयललिता की यह मांग तहलका की उस तहकीकात के बाद आई थी जो साफ इशारा करती है कि संचार मंत्री रहते हुए मारन ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एयरसेल कंपनी के पूर्व प्रमुख शिवशंकरन पर इस बात के लिए दबाव डाला कि वे अपनी कंपनी मैक्सिस समूह को बेच दें. इसके एवज में इस मलेशियाई कारोबारी समूह ने मारन बंधुओं को 700 करोड़ रु का फायदा पहुंचाया. कोई भ्रष्टाचार यदि सरकारी अधिकारियों और निजी क्षेत्र के लोगों की सांठ-गांठ से हुआ हो तो जांच एजेंसियां उसकी जांच करते हुए अक्सर लेन-देन का साक्ष्य जुटाने की कोशिश करती हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि सरकारी अधिकारी को घूस कैसे दी गई. नकद या फिर किसी और तरीके से.
इस साल जनवरी में सीबीआई ने एक रियल एस्टेट कंपनी के मालिक शाहिद उस्मान बलवा और कलैनार टीवी के बीच हुए लेन-देन का पता लगाया था. जब बलवा की कंपनी स्वान टेलीकॉम को बेशकीमती 2जी स्पेक्ट्रम आवंटित हो गया तो इसके बाद बलवा की कंपनी ने द्रमुक सुप्रीमो करुणानिधि के परिवार के स्वामित्व वाले कलैनार टीवी को 200 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए थे. सीबीआई ने करुणानिधि की बेटी और इस टीवी चैनल में 20 फीसदी की हिस्सेदार कनिमोरी को गिरफ्तार करने के लिए इस साक्ष्य को पर्याप्त माना था. 26 अप्रैल को दाखिल किए गए पूरक आरोपपत्र में जांच एजेंसी ने कहा था कि यह लेन-देन वैध नहीं था बल्कि इसकी प्रकृति से पता चलता है कि यह यूनिफाइड एक्सिस सर्विस लाइसेंस (यूएएसएल), स्पेक्ट्रम और गलत तरीके मिले अन्य फायदों के एवज में स्वान टेलीकॉम द्वारा दी गई घूस थी.
अहम सवाल यह है कि क्या मैक्सिस-सन टीवी और मैक्सिस-सन एफएम सौदा इस हाथ दे-उस हाथ ले वाली तर्ज पर हुआ था